सरकारी योजनाओं में दिन रात मेहनत कर पसीना बहाने वाले गरीब मजदूरों को नहीं मिला सालों बाद भी फुटी रकम। अहसास हो चुके गरीब मजदूरों ने श्रम विभाग बालोद से हार कर कुछ दिन पहले ही ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तामेश्वर साहू के खिलाफ भाजपा के मिर्रीटोला मंडल अध्यक्ष टुकेश्वर पांडे से मिलकर किया था मौखिक शिकायत, लेकिन सवाल मजदूरों के मन में अब भी बना हुआ है कि डमी जिला अध्यक्ष के डमी मंडल अध्यक्ष क्या अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी तरीके से पूरा करने हेतू गरीब मजदूरों की अधिकारों की रक्षा हेतू ईमानदारी से कदम आगे करेंगे और गरीब मजदूरों को उनका अधिकार उन्हें दिलायेंगे।
@ vinod netam
विष्णुदेव साय सरकार की सुशासन रूपी सुदर्शन चक्र को भोथरा साबित करने में जुटे बालोद जिला प्रशासन बालोद के अंदर मौजूद अव्वल दर्जे के कामचोर लबरा अधिकारी और कर्मचारी। हालांकि इस तरह की गंभीर बात किसी भी संवेदनशील सरकार के लिए अच्छी बात नहीं है,किन्तु हिककत के धरातल पर जो मंजर परसा है उसे झुठलाया भी तो नहीं जा सकता है। दरअसल बालोद जिला के अंदर में मौजूद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रशासन व्यवस्था ज्यादातर जिलावासियों की संवेदनशील शिकायतो पर न सिर्फ ध्यान दें रही है बल्कि मामले को लटका कर गरीबों की गुरबती का घटिया मजाक भी बना रही है। ऐसे में जाहिर सी बात है आम जिलावासियों का परेशान और हलाकान होना। चूंकि आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ राज्य के बालोद जिले में होंगे ऐसे में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार को बालोद जिलावासियों की चेहरे पर छाई हुई खामोशियों को परखना चाहिए ताकि उनकी सरकार का इकबाल जिलावासियों के मध्य बेहतरीन तरीके से बना हुआ प्रतीत नजर आए। गौरतलब हो कि जिला प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य की सरजमीं पर अवतरित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार मंच पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओ और कार्यकर्ताओं से घिरे हुए रहेंगे, लेकिन सरकार को अपने ही पार्टी के नेताओ और कार्यकर्ताओं के चेहरों को देखकर समझना होगा कि इकबाल का दावा कंहा तक लबालब भरा हुआ है।
अब सहिबो बदल के रहिबो इस नारा के साथ छत्तीसगढ़ राज्य की सरजमीं पर अवतरित हुई है विष्णुदेव साय की सरकार, किन्तु बदला क्या खाक?
छत्तीसगढ़ राज्य की पावन धरा पर मौजूद भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार वैसे तो अपने कार्यकाल की एक साल कई सफलता और कई विफलता के दम पर पूरा कर लिया है। इस बीच विष्णुदेव साय की सरकार को कई सुखद और दुखद अनुभव प्राप्त हुवे है। ऐसे में जनता के बीच में उनकी सरकार के लिए क्या विचारधारा पनपी हुई है यह जानना जरूरी है। चूंकि आम जनता को सहुलियत से मतलब है चोंचले बाजी से नहीं,अबजब आम आदमी को सहुलियत देने हेतू विष्णुदेव साय की सरकार दिन रात मेहनत करने में जुटे रहने की बात कहती हैं 'तब तो कोई बात नहीं किन्तु सरकारी दावे सिर्फ चोंचलेबाजी साबित हुई तो सरकार के लिए क्या हो सकता है यह बताने की आवश्यकता नहीं है। दरअसल सरकारी दावे को मुरियामेट करने पर तुली हुई है श्रम विभाग बालोद। जिला के अंदर मौजूद गरीब मजदूरों की मजदूरी डकारने वाले ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तामेश्वर साहू के द्वारा गरीब मजदूरों की शोषण किये जाने वाले मामले पर मजदूरों के साथ किया भद्दा मजाक। मजदूरों को उनकी रोजी रोटी छुड़ा कर मामले की तफ्तीश हेतू श्रम विभाग बालोद के जिला कार्यालय बुलाया गया था लेकिन मजदूरों को आजतक उनकी मजदूरी का भुगतान कराने से चुके श्रम विभाग बालोद। जरा सोचिए जिस सरकार के राज में गरीब मजदूरों का शोषण न सिर्फ एक रसूखदार राजनेता कर रहा है अपितु सरकार के द्वारा बिठाये गए सरकारी नुमाइंदे भी करने से नहीं चुक रहे हैं। ऐसे में सुशासन रूपी सुदर्शन चक्र भोथरा साबित नहीं होगी तो क्या खाक साबित होगी...