कांतारा की झांकी ने मोहा मन, बाल प्रतिभाओं को मिला मंच श्री राधा कृष्ण मित्र मंडल द्वारा मिनी झांकी प्रतियोगिता का आयोजन , उमड़ा जनसैलाब

कांतारा की झांकी ने मोहा मन, बाल प्रतिभाओं को मिला मंच

श्री राधा कृष्ण मित्र मंडल द्वारा मिनी झांकी प्रतियोगिता का आयोजन , उमड़ा जनसैलाब 


मुकेश कश्यप की रिपोर्ट 

कुरूद . प्रतिवर्ष की परंपरा का निर्वहन करते हुए श्री 
श्री राधा कृष्ण मित्र मंडल गणेश उत्सव समिति द्वारा इस बार बच्चों की प्रतिभाओं को मंच देने मिनी झांकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। "भक्ति, संस्कृति और हमारी पहचान" के ध्येय वाक्य के साथ आयोजित इस सांस्कृतिक उत्सव में कुरुद और आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे। रविवार शाम को प्रारंभ हुआ यह कार्यक्रम देर रात तक चला, जिसमें एक से बढ़कर एक जीवंत और मनमोहक झांकियों का प्रदर्शन किया गया। भव्य रोशनी, पारंपरिक संगीत और देवी-देवताओं के जीवंत स्वरूपों ने पूरे माहौल को भक्तिमय कर दिया। झांकियों का यह कारवां गांधी चौक से शुरू होकर राधाकृष्ण मंदिर तक पहुंचा, जहां पूरे मार्ग में दर्शकों की भारी भीड़ उनके स्वागत के लिए खड़ी रही।
     

    निर्णायक मंडल और अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह

इस बीच समिति की ओर से बनाए गए मुख्य मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में विधायक प्रतिनिधि और समाजसेवी भानु चंद्राकर , पार्षद कविता चंद्राकर , शिक्षक योगेश गुरुजी थे। वहीं निर्णायक मंडल पर संतोष यादव ,सितेश साहू, मुकेश पवार , बिसहत साहू , मुकेश कश्यप आदि रहे। झाकियों का कारवां धीरे-धीरे गांधी चौक से प्रारंभ हुआ और गणेश विसर्जन के समय निकलने वाले मुख्य झांकी की तर्ज पर आकर्षक प्रतिमाओं ने, बैकग्राउंड ने , लाइटिंग ने और प्रतिकात्मक धूमाल सेटअप ने विशालकाय भीड़ का भरपूर मनोरंजन करते हुए सबका दिल जीता।लगभग 15 झांकियां निकाली गई जिसमें काफी चर्चित कांतारा की झांकी ,भारत की वीर बेटियों की झांकी , भगवान जगन्नाथ स्वामी की झांकी, कृष्ण लीला की झांकी , श्रवण कुमार की माता पिता की सेवा की झांकी, छत्तीसगढ़ की लोक परम्परा की झांकी सहित एक दर्जन से भी अधिक झांकियों ने सबका ध्यान आकर्षित किया।मंच संचालन निर्णायक मंडल पर रहे संतोष यादव ,सितेश साहू, मुकेश पवार , मुकेश कश्यप ने किया वहीं आभार प्रदर्शन आयोजन समिति से मुख्य आयोजक द्वारा किया गया।

     मिनी झांकी कुरूद की बाल प्रतिभाओं का मंच : भानु चंद्राकर 

       मुख्य मंच से मुख्य अतिथि भानु चंद्राकर ने सभी का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हमारे कुरूद में काफी वर्षो से मिनी झांकी का आयोजन होते आ रहा है। शुरुआती दिनों में एक दो झांकियां ही निकलती थी, अब धीरे धीरे इस आयोजन ने विशाल रूप ले लिया है।आज की यह भीड़ और बच्चों का इसमें भाग लेना उनकी प्रतिभा के प्रदर्शन का साक्षी बन रहा है। हम सभी को मिलकर इन बाल प्रतिभाओं का सम्मान करना चाहिए।

    सभी झांकियों को मिला सम्मान,प्रथम तीन झांकियां हुई पुरस्कृत

कार्यक्रम के अंत में सभी 15 समितियों को आयोजन समिति श्री राधा कृष्ण मित्र मंडल गणेश उत्सव समिति द्वारा स्मृति चिन्ह दिया गया और प्रथम तीन झाकियों को निर्णायक मंडल द्वारा घोषित निर्णय के अनुसार सम्मान किया गया , जिसमें प्रथम स्थान पर गांधी चौक कुरूद की कांतारा झांकी को राधा कृष्ण मित्र मंडल के सौजन्य से प्रथम पुरस्कार के रूप में 5000 रुपये की नगद राशि से सम्मानित किया गया, वहीं इंदिरा नगर कुरूद की झांकी को दूसरा स्थान के रूप में 3000 रुपये की नगद राशि वरुण एक्वा (पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर) की ओर से प्रदान की गई।इसी तरह सूर्य नमस्कार चौक की झांकी को तीसरे स्थान के रूप में 2000 रुपये की नगद राशि शिव कृपा मोटर्स की ओर से प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी तरह आयोजन समिति राधा कृष्ण मित्र मंडल गणेश उत्सव द्वारा सभी निर्णायक मंडल और इस कार्यक्रम सराहनीय योगदान देने वाले सभी लोगों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।इस आयोजन की उपस्थित सभी लोगों ने जमकर तारीफ की और बच्चों की प्रतिभा को सम्मान देने के लिए उन्हें मंच प्रदान करने के लिए आयोजन समिति राधा कृष्ण मित्र मंडल गणेश उत्सव समिति की प्रशंसा की गई।
           
           आयोजन समिति ने जताया आभार
 श्री कृष्ण मित्र मंडल गणेश उत्सव समिति कुरुद के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए कुरुद की धर्मप्रेमी जनता, झांकी कलाकारों, पुलिस प्रशासन और मुख्य प्रायोजक वरुण एक्वा (पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर) व शिव कृपा मोटर्स के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। समिति ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध संस्कृति और आपसी भाईचारे को और मजबूत करते हैं।कार्यक्रम को सफल बनाने में बब्लू सिन्हा, मानव श्रीवास, टीकम ध्रुव, शिवांग यादव, सौरभ चंद्राकर, लक्की यादव, युवराज साहू, दुष्यंत देवांगन, मंथन सिन्हा ,विजय यादव, हिमांशु ,पप्पू निर्मलकर, विपुल सोनी, रिसूं , दिब्यांशु चंद्राकर आदि का सराहनीय योगदान रहा।











                        रिपोर्ट @मुकेश कश्यप