स्मार्ट सिटी का सच बेनकाब: लखनऊ में विकास के दावों पर गंदगी की मार, नाली पर अतिक्रमण से सड़क बनी सीवर लाइन!

 स्मार्ट सिटी का सच बेनकाब: लखनऊ में विकास के दावों पर गंदगी की मार, नाली पर अतिक्रमण से सड़क बनी सीवर लाइन!

लखनऊ |राजधानी लखनऊ को “स्मार्ट सिटी” बनाने के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। नगर निगम के जोन-6 क्षेत्र में स्थित मिलन मैरिज हॉल के आसपास हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि विकास के दावे अब लोगों को मज़ाक जैसे लगने लगे हैं।

नाली पर कब्जा, सड़क पर बह रहा गंदा पानी

स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में नालियों के ऊपर खुलेआम अतिक्रमण कर लिया गया है। दुकानदारों और आसपास के संचालकों ने नाली को ढककर उस पर स्थायी कब्जा कर लिया है, जिसके कारण नाली की सफाई असंभव हो गई है। नतीजा — गंदा और बदबूदार पानी सीधे सड़क पर बह रहा है।

बारिश हो या सामान्य दिन, सड़क अब सीवर लाइन में तब्दील हो चुकी है। राहगीरों, स्कूल जाने वाले बच्चों और स्थानीय व्यापारियों को रोजाना गंदगी और दुर्गंध से गुजरना पड़ रहा है।

 सब्जी मंडी से मैरिज हॉल तक अवैध कब्जों की भरमार

सूत्रों का दावा है कि सब्जी मंडी से लेकर मिलन मैरिज हॉल तक फुटपाथों पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा किया गया है। दुकानों का सामान सड़क तक फैला हुआ है, जिससे पैदल चलने की जगह तक नहीं बची।

स्थानीय नागरिकों का आरोप 

कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई

अतिक्रमण हटाने का कोई अभियान नहीं चलाया गया

जिम्मेदार अधिकारी क्षेत्र का निरीक्षण तक नहीं करते

प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब आम जनता रोजाना परेशानी झेल रही है, तो आखिर नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी संज्ञान क्यों नहीं ले रहे? क्या अतिक्रमणकारियों को मौन संरक्षण मिल रहा है?

क्षेत्रवासियों का कहना है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन मूलभूत सुविधाएं — साफ सड़क, जल निकासी और फुटपाथ — आज भी बदहाल हैं।

 जनता का आक्रोश

स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि:

“स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ बोर्ड लगे हैं, ज़मीन पर हालात बद से बदतर हैं।”

 अब निगाहें प्रशासन पर

अब देखना यह होगा कि नगर निगम और जोनल अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब कार्रवाई करते हैं या फिर “स्मार्ट सिटी” का सपना कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।

स्वाति भारत

ब्यूरो लखनऊ टॉप भारत