श्री नर्मदेश्वर महादेव परिवार कुरूद द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण सप्ताह में उमड़ी आस्था
कुरूद . नगर के वार्ड क्रमांक सात स्थित श्री नर्मदेश्वर सेवा समिति द्वारा श्रीमद् भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को तीसरे दिन विधिवत पूजा वंदना उपरांत कथा प्रारंभ हुई।व्यास पीठ पर विराजमान पं. श्री नागेश्वर प्रसाद दुबे जी के श्री मुख से सति चरित्र, ध्रुव चरित्र, पृथु चरित्र की कथा का रसपान जीवन की सार्थकता और अपनो के प्रति त्याग और समर्पण का संदेश दिया गया। श्री दुबे जी ने बताया कि हिंदू पौराणिक कथाओं में 'सती चरित्र' देवी सती के जीवन, उनके त्याग और भगवान शिव के प्रति अटूट भक्ति की कथा है।ध्रुव चरित्र, भक्त शिरोमणि ध्रुव की अटूट भक्ति और दृढ़ संकल्प की वह पौराणिक कथा है, जो हमें सिखाती है कि सच्ची लगन से ईश्वर को भी प्राप्त किया जा सकता है। कथा के तीसरे दिवस नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चंद्राकर और विधायक प्रतिनिधि भानु चंद्राकर जी कथा श्रवण करने पहुंचे।उन्होंने भागवत कथा को जीवन का सार बताया और आयोजकों को सीमित स्थान पर बेहतरीन व्यवस्था कर इस आयोजन की प्रशंसा की। इस बीच छत्तीसगढ़ कहार भोई समाज कुरूद राज द्वारा श्रीमती ज्योति भानु चंद्राकर को समाज की कुलदेवी मां कन्हाई परमेश्वरी जी की प्रतिमा भेंट की गई।शुक्रवार को शाम होते ही कथा के अंतिम चरण में भागवत भगवान की आरती पूजन कर प्रसादी वितरण कर इसे विराम दिया गया।कथा के तीसरे दिन निर्धारित समय से पूर्व ही भक्तों का आना प्रारंभ हो चुका था, भक्त गण परिवार सहित उपस्थित होकर जीवन मूल्यों का दर्शन प्राप्त किए ।मधुर गीत संगीत के द्वारा भक्त गण अपनी आस्था प्रकट करने लगे। नगर में हो रहे इस कथापुराण को लेकर भक्तों में विशेष उल्लास है।आने वाले दिनों में भक्तों की भीड़ और बढ़ने की संभावना है। कथा के चतुर्थ दिवस शनिवार 4 अप्रैल को भरत चरित्र, अजामिलोपाख्यान , प्रहलाद चरित्र, 5 को गजेंद्र मोक्ष, वामन चरित्र , श्री राम अवतार, श्री कृष्ण अवतार, 6 को श्री कृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा, रुखमणी विवाह , 7 को भगवान का अन्य विवाह, सुदामा चरित्र,8 को यदुकुल को श्राप, परिक्षित मोक्ष, तुलसी वर्षा, शोभायात्रा, 9 को गीता पाठ, यज्ञ -हवन, पूर्णाहुति, कथा विश्राम होगा।
मुकेश कश्यप की रिपोर्ट




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