कुरूद में श्री हनुमान जन्मोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा ,उमड़ी आस्था

कुरूद में श्री हनुमान जन्मोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा ,उमड़ी आस्था 





मुकेश कश्यप की रिपोर्ट 

कुरूद. गुरुवार शाम को श्री संकट मोचन परिवार पंचमुखी हनुमान मंदिर पुराना बाजार चौक कुरूद और दिव्य हनुमान मंदिर पचरीपारा के तत्त्वाधान में श्री हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई । धुमाल डीजे की मधुर थाप में यह मनभावन शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गो से गुजरते आगे बढ़ी।जहां प्रमुख स्थानों पर सामाजिक और अन्य संगठनों द्वारा फूल बरसाकर और फटाखे फोड़कर भव्य स्वागत किया गया।इस दौरान देवांगन स्टेज द्वारा आधुनिक फायर शो विशेष आकर्षण रहा । पुराना बाजार श्री हनुमान मंदिर से निकली शोभायात्रा में वीरों के वीर महावीर बजरंग बली जी मनमोहक रूप में सजे हुए सबका मन मोहने लगे , वही दिव्य हनुमान मंदिर पचरीपारा से निकली शोभायात्रा में श्रीराम दरबार की मोहक झलक के साथ श्री हनुमान जी अपने दिव्य रूप में विराजित होकर सबका ध्यान आकर्षण करने लगे। इस शोभायात्रा में भगवा रंग में सजे भक्तों ने नाचते गाते हुए भगवा ध्वज लहराकर और जय श्री राम जय श्री हनुमान का जयकारा लगाते हुए पर्व की रौनकता में चार चांद लगा दिया।इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तों का जनसैलाब उमड़ा।गुरुवार को श्री हनुमान जन्मोत्सव पर कुरूद नगर में सभी मंदिरों में भव्य उल्लास देखने को मिला।इस अवसर पर श्री हनुमान जी का विशेष पूजन कर प्रसादी वितरण किया गया।इस दौरान श्री हनुमान चालीसा , सुंदरकांड आदि का पाठ किया गया।पूरा नगर जय श्री राम जय श्री हनुमान के नारों से गूंज उठा। आस्था और भक्ति अपने चरम पर रही। नगर के प्रमुख स्थानों पर समाज सेवी संगठनों द्वारा पर्व के अवसर पर प्रसादी वितरण किया गया।मान्यताओं के अनुसार रामनवमी के कुछ दिन बाद चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। हनुमान जी को शिव जी का 11 वा रुद्र अवतार माना गया है। साथ ही उन्हें पवनपुत्र, संकटमोचन और बजरंगबली के नाम से भी जाना जाता है। हनुमान जी के जन्म से लेकर उनके नाम के पीछे दिव्य और अद्भुत कथा है। हिंदू महाकाव्य रामायण के अनुसार, हनुमान जी को वानर के मुख वाले अत्यंत बलिष्ठ पुरुष के रूप में दिखाया जाता है। इनका शरीर अत्यंत मांसल एवं बलशाली है। उनके मस्तक पर स्वर्ण मुकुट एवं शरीर पर स्वर्ण आभुषण पहने दिखाए जाते है। उनकी वानर के समान लंबी पूँछ है। उनका मुख्य अस्त्र गदा माना जाता है। उनके मुख पर जो तेज है वह अतुलनीय है । उनका शरीर पर्वत के समान विशाल और कठोर है उनके मुख पर सदैव राम नाम की धुन रहती है।हनुमान जी हिन्दुओं के आराध्य देवता हैं । वे भगवान राम के परम भक्त और प्रिय हैं। हनुमान को 'चिरंजीवी' यानी चिर काल तक जीवित रहने वाला माना जाता है।  माता अंजनी और पिता केसरी के पुत्र हनुमान को पवनपुत्र, रुद्रावतार और संकटमोचन के रूप में जाना जाता है।उनके जीवन से हमें समर्पण , त्याग , सेवा , कर्तव्यनिष्ठता और जनकल्याण की प्रेरणा मिलती है।



       





                    मुकेश कश्यप की रिपोर्ट