गंगरेल में गूंजा फागुन जोहार: माँ अंगारमोती धाम में देव स्वरूपों संग खेली गई अनूठी पारंपरिक होली

गंगरेल में गूंजा फागुन जोहार: माँ अंगारमोती धाम में देव स्वरूपों संग खेली गई अनूठी पारंपरिक होली

 रामेश्वर मरकाम। 

धमतरी:- गंगरेल स्थित माँ अंगारमोती पेनठाना में इस वर्ष पारंपरिक और अनूठे स्वरूप में देव होली का आयोजन हुआ। आदिवासी आस्था और लोकसंस्कृति की सजीव छटा के बीच माता और देव स्वरूपों ने रंगों का उत्सव मनाया। होली उत्सव की शुरुआत दोपहर लगभग 2 बजे विधिवत पारंपरिक पूजा-अर्चना से हुई। प्रकृति, अन्न और पूर्वजों के प्रति आस्था रखते हुए पेन पुरखा को फागुन जोहार अर्पित किया गया। पूजा उपरांत माता को गेहूँ की बाली चढ़ाई गई तथा श्रद्धापूर्वक हरवा माला भी अर्पित की गई। 


इस अवसर पर माता पुजारी ईश्वर नेताम सिर समाहित होकर भक्ति भाव में लीन दिखाई दिए और देव स्वरूपों के साथ रंग-गुलाल की होली खेली। मान्यता अनुसार मतवार डोकरा, लिंगो पेन और डांग देव भी होली उत्सव में सहभागी बने। पारंपरिक बाजा-गाजा की गूंज से पूरा परिसर रंगों और उल्लास से सराबोर हो उठा।उत्सव के दौरान युवाओं ने पारंपरिक रेला-पाटा की धुन पर नृत्य किया। साथ ही डीजे की ताल पर भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए एक-दूसरे को गुलाल लगाकर फागुन की शुभकामनाएँ दी।


कार्यक्रम में माँ अंगारमोती ट्रस्ट के अध्यक्ष जीवराखन मरई विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही तुकाराम मरकाम, मानसिंह मरकाम, खिलेश कुंजाम, रामेश्वर मरकाम,बंटी मरकाम, युवराज मरकाम,दिग्विजय ध्रुव,हरि नेताम, नरेंद्र नेताम,सोहन ध्रुव,रोशन मरकाम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समाजजन उपस्थित रहे।