कुरूद में श्री रामनवमी पर धूमधाम से निकली भव्य शोभायात्रा, उमड़ा जनसैलाब
मुकेश कश्यप की रिपोर्ट
कुरूद. श्री रामनवमी के पावन अवसर पर कुरूद की ऐतिहासिक परंपरा का निर्वहन करते हुए आजाद हिंदू युवा मंच कुरूद के युवाओं द्वारा श्री रामनवमी पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई ।इस शोभायात्रा में भगवान श्रीराम चंद्र जी की मनभावन प्रतिमा सबका मन मोहने लगी ।बैंड बाजे और डीजे की धुन पर नाचते गाते भक्तों ने दशरथ नंदन का भव्य स्वागत किया और एक दुसरे को पर्व की बधाईयां दी। इस शोभायात्रा का भव्य स्वागत करने मुख्य मार्गों पर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने स्वागत मंच बनाकर इस पावन पुनीत उत्सव में खुशियां बिखेरा। शोभायात्रा में नगर के जनप्रतिनिधि शामिल हुए ,उन्होंने सभी को पर्व की बधाइयां दी गई। शोभायात्रा चंडी मंदिर, थाना चौक, पुराना बाजार चौक, सरोजनी चौक , कारगिल चौक, से वापस राम मंदिर पहुंची।इसी तरह प्राचीन श्रीराम मंदिर में राम नवमी के शुभअवसर पर श्रीराम जन्म उत्सव मनाया गया। 273 वर्ष प्राचीन इस मंदिर में सदियों से श्रीराम जन्म उत्सव मनाए जाने का इतिहास रहा है। प्राचीन श्री राम मंदिर के महंत अखिलेश वैष्णव ने बताया कि राम नवमी के दिन सुबह 9 बजे से भजन संकीर्तन एवं रामायण पाठ हुआ। वहीं दोपहर 12 बजे राम जन्म व महाआरती के पश्चात प्रसादी वितरण हुआ। राम जन्मोत्सव की तैयारी हेतु श्री राम मंदिर से जूड़े भक्तगण जुटे रहे। विदित है कि श्री रामनवमी का पावन पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान विष्णु के सातवें अवतार, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह दिन अधर्म पर धर्म की जीत, परिवार में प्रेम, और सत्य-धैर्य के आदर्शों का प्रतीक है। इस दिन रामचरितमानस का पाठ, पूजा और व्रत रखकर लोग प्रभु राम के दिव्य गुणों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में अयोध्या के राजा दशरथ और माता कौशल्या के घर मध्याह्न में प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था।मर्यादा और धर्म का प्रतीक: राम नवमी हमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के जीवन से सत्य, धर्म, त्याग और समर्पण की सीख देती है।
मुकेश कश्यप की रिपोर्ट





