कुरूद में माहेश्वरी समाज द्वारा बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया गया गणगौर पूजा पर्व
मुकेश कश्यप की रिपोर्टकुरूद। माहेश्वरी समाज की महिलाओं एवं युवतियों ने नगर की आराध्य देवी चंडी मंदिर से पवित्र गणगौर पूजा का पर्व बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं एवं युवतियों ने माता गणगौर (गौरी) एवं भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, सौभाग्य एवं अखंड सौभाग्य की कामना की।
प्रातःकाल से ही महिलाओं ने व्रत रखकर घरों एवं मंदिरों में सुंदर साज-सज्जा की तथा मिट्टी की गणगौर प्रतिमाओं का निर्माण कर उन्हें आकर्षक वस्त्रों एवं आभूषणों से सजाया। पारंपरिक गीतों एवं लोकनृत्य के माध्यम से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया ।
महिलाएं एवं युवतियों ने अलग अलग परिधानों से सुसज्जित होकर पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित हुईं। गणगौर पर्व नारी शक्ति, सौभाग्य एवं संस्कृति का प्रतीक है, जो समाज में पारंपरिक मूल्यों एवं आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करता है।
शाम 6 बजे चंडी मंदिर महेश चौक से गणगौर की भव्य शोभा यात्रा बैंड बाजे के साथ निकाली गई । जिसमें चंदा केला,रश्मि केला , बिमला केला,पूनम केला, अंजू केला ,प्रतिभा केला,प्रीति केला,मनीषा केला,नीतू केला, दीपाली केला, सेजल, चेतना,पाखी, सुभानी, पीहू,राधिका, भाविका, सिद्धि, सौम्य,अर्चिता,प्रियल, पल्लवी,कनक, इनाया, सौम्य केला, चंदा केला , हनी केला,कोमल केला,शिल्पा केला, रोशनी केला,हेमा केला,सीमा राठी,दुर्गा केला,प्रीति केला, रेखा चांडक,चंचल केला,पुष्पा केला , हनी केला, आदि उपस्थित थे !
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