फसल अवशेष जलाने से रोकने खेतों में उतरे महामाया कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थी, किसानों को दी समझाइश
सियादेही, धमतरी। फसल अवशेष (पराली) जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से महामाया कृषि महाविद्यालय, सियादेही के चतुर्थ वर्ष के कृषि विद्यार्थियों द्वारा खेतों में पहुंचकर किसानों को समझाइश दी गई।विद्यार्थियों ने किसानों को बताया कि फसल अवशेष जलाने से मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट होते हैं, मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है तथा वायु प्रदूषण बढ़ता है। इसके साथ ही खेतों में आग लगने से आसपास की फसलों, पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं को भी नुकसान पहुंच सकता है।विद्यार्थियों ने किसानों को फसल अवशेष जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करने, अवशेषों को मिट्टी में मिलाने, मल्चिंग तथा जैविक खाद बनाने में उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि फसल अवशेषों का सही उपयोग करने से मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलती है।इस जागरूकता अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों ने किसानों से अपील की कि वे पराली न जलाएं और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने की अपील की।
