कुरूद में सावन के प्रथम सोमवार को उमड़ी आस्था ,हर-हर महादेव की गूंज से नगर हुआ शिवमय
कुरूद. सोमवार को प्रथम सावन सोमवार के अवसर पर नगर में विराजे सभी शिव मंदिरों में भक्ति और आस्था के साथ भक्तों ने भोलेबाबा के सम्मुख पूजा अर्चना कर जनकल्याण की कामना की। इस दौरान विशेष श्रृंगार , पूजा अर्चना और भक्ति भजन संध्या का आयोजन हुआ।
सभी मंदिरों में सुबह से ही शिव भजनों की अविरल धारा प्रवाहमान हुई। भक्तों ने शिव जी को पावन पुनीत बेल पत्र और श्रद्धा के पुष्प अर्पण कर अपनी आस्था प्रकट की। इसी बीच शाम को मंदिरों में भक्तिमय भजन संध्या का आयोजन हुआ।इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े और जनकल्याण की कामना की।
श्रावण हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह से प्रारंभ होने वाले वर्ष का पाँचवा मास है। भारत में इस माह में वर्षा ऋतु होती है और प्रायः बहुत अधिक गर्मी होती है। श्रावण मास, जिसे सावन का महीना भी कहा जाता है, भगवान शिव की पूजा करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए मनाया जाता है। सावन माह के दौरान सोमवार का दिन शुभ होता है और ऐसा माना जाता है कि यदि भक्त समर्पण के साथ भगवान शिव की पूजा करे तो भगवान शिव जी उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
यह महीना भगवान शिव जी की विशेष कृपा पाने और मनोकामना पूर्ति पाने से जुड़ा है। इस दिन व्रत रखने और विधि विधान से पूजा करने से जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं।सावन का पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित और अत्यंत प्रिय है।मान्यता है कि माता पार्वती ने शिव जी को पाने के लिए सावन सोमवार का कठिन व्रत किया था।
