कुरुद दशहरा महोत्सव में रंग सरोवर की लोक पारंपरिक प्रस्तुति ने मोहा मन , बारहमासी और जागरूकता से भरा नाटक रहा आकर्षण का केंद्र

कुरुद दशहरा महोत्सव में रंग सरोवर की लोक पारंपरिक प्रस्तुति ने मोहा मन , बारहमासी और जागरूकता से भरा नाटक रहा आकर्षण का केंद्र


मुकेश कश्यप की रिपोर्ट 

कुरूद. कुरुद दशहरा महोत्सव में सोमवार को द्वितीय दिवस छत्तीसगढ के सुप्रसिद्ध कार्यक्रम “रंग सरोवर” की मनभावन प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। इस बीच कुरूद मीडिया जगत के पदाधिकारियों-सदस्यों एवं महोत्सव प्रचार समिति के सदस्यों के आतिथ्य में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ जिसमें मुख्य अतिथि प्रेस क्लब अध्यक्ष मूलचंद सिन्हा थे।अध्यक्षता प्रेस क्लब के संरक्षक कृपाराम यादव ने की। वहीं विशिष्ट अतिथियों मे प्रेष क्लब के पूर्व अध्यक्षण अजय केला, जमाल रिज़वी, कृपाराम सिन्हा, मीडिया जगत के पदाधिकारी श्रवण साहु, घनश्याम साहु, रूपेश साहु, रवि शर्मा, गोखुलेश सिन्हा, चंदन शर्मा, मुकेश कश्यप, प्रदीप गंजीर, के आतिथ्य में संपन्न हुआ, अतिथियो का महोत्सव समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों द्वारा स्वागत सम्मान किया गया।आतिथ्य संबोधन मे प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अजय केला ने 27 वर्षो से चली आ रही सांस्कृतिक परंपरा को कुरूद के लिए ऐतिहासिक पहचान बताये है आयोजन समिति के सदस्य होने के नाते आतिथ्य सम्मान के आयोजकों का धन्यवाद भी दिया, आतिथ्य मार्गदर्शन के रूप मे मीडिया जगत के पदाधिकारी श्रवण साहु ने कहा कुरूद दशहरा पुरे प्रदेश में बस्तर दशहरा जैसे स्वरूप ले रहा है 27 वर्षों से चली आ रही पंरपरा के लिए कुरूद नगर-क्षेत्र के श्रद्धालुओं को बधाई दिये, यह महोत्सव पुरे देश मे पहचान बना रही है।

       इसके रंग सरोवर कार्यक्रम की प्रस्तुति प्रारंभ हुई और संचालक द्वारा इसके निर्माता भूपेंद्र साहू द्वारा किए जा रहे प्रयास का वर्णन किया।इसके उपरांत लोक पारंपरिक प्रस्तुति की श्रृंखला प्रारंभ हुई जिसमें बारहमासी से कार्यक्रम का आगाज हुआ। जिसमें हमन नारी हवन हो, रण भन हो, महतारी के कोरा जय हो छत्तीसगढ तोर ,अरपा पैरो के धार ,कौशल्या के राम ,मोर धान कटोरा छग तोर ,तोला का होगे नही बोले , फूल झरे हांसी,मोर आजा सजन,दे दे दरस महामाई,मोर मया के करण सुआ सहित जागरूकता से भरे नाटक आदि कार्यक्रम की प्रस्तुति हुई , जिसने देर रात तक दर्शकों को मैदान पर पैर जमाने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन महोत्सव सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी प्रभात बैस ने एवं आभार व्यक्त महासचिव भानु चन्द्राकर ने किया।












                          रिपोर्ट @मुकेश कश्यप

इस अवसर पर महोत्सव समिति के पदाधिकारी सदस्यों मे  महासचिव भानु चन्द्राकर, कोषाध्यक्ष बसंत सिन्हा, सांस्कृतिक प्रभारी प्रभात बैस, पार्षदगण कविता चन्द्राकर, महावीर साहु, खिलेन्द्र देवांगन, सदस्यगण किशोर यादव, कमल शर्मा, सुनील चन्द्राकर, पिंटू चन्द्राकर, संतोष बैस, संजू चन्द्राकर, थानेशवर तारक, थानेश्वर साहु, तुकेश साहु, प्रकाश ढींवर, राज देवांगन, देवा साहु, टकेश्वर चन्द्राकर, खुबलाल चन्द्राकर, रामेश्वर ध्रुव, खोमन चन्द्राकर, उत्तम साहु, मुकेश पवार, प्रिंस चन्द्राकर, प्रवीण शर्मा, नीरज चन्द्राकर, महेन्द्र साहु, मिथलू बैस, खिलेन्द्र साहु, रंजन साहु सहित अनेकों सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।