ग्रेसियस कॉलेज में 'वेस्ट टू आर्ट' कार्यशाला का सफल आयोजन
रायपुर. ग्रेसियस कॉलेज ऑफ एजुकेशन, अभनपुर और इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) के संयुक्त तत्वावधान में 'ट्रांसफॉर्म वेस्ट इनटू आर्ट' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का भव्य आयोजन श्री ओंकार ऑडिटोरियम में किया गया।संस्थान के निदेशक डॉ. आशुतोष शुक्ला ने अपने प्रेरणादायक संदेश में छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए कहा, "नवाचार (Innovation) केवल नई मशीनों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरानी और अनुपयोगी वस्तुओं को नया स्वरूप और अर्थ देना भी एक महान कला है। हमारा उद्देश्य छात्रों को न केवल एक कुशल शिक्षक बनाना है, बल्कि उन्हें रचनात्मक उद्यमी (Creative Entrepreneurs) के रूप में भी विकसित करना है। 'वेस्ट टू आर्ट' जैसे कार्यक्रम छात्रों की कल्पनाशीलता को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करते हैं।"प्राचार्या डॉ. रिया तिवारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य कौशल विकास है। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कला हमें धैर्य और सूक्ष्मता सिखाती है, जो एक शिक्षक के लिए अनिवार्य गुण हैं।प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. मुक्ता कौशिक ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की और बताया कि कैसे IIC के माध्यम से कॉलेज छात्रों के भीतर छिपे हुनर को मंच प्रदान कर रहा है।मुख्य अतिथि और रिसोर्स पर्सन सुश्री कुसुम साहू (प्राचार्या, एकेडेमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल, रायपुर) ने 'फेविक्रिल मोल्डिट' का उपयोग कर बेकार बोतलों को सुंदर कलाकृतियों में बदलने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन सुश्री क्षमा मिश्रा सहायक प्राध्यापक गणित द्वारा अपनी चिर-परिचित प्रभावशाली शैली में किया गया।इस अवसर पर कॉलेज के समस्त प्राध्यापकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। छात्रों द्वारा तैयार की गई 83 आर्ट की प्रदर्शनी ने सभी का मन मोह लिया।
